लंबे वक्त से सऊदी अरब में बंधक बनाकर रखे गए बदायूं के दो युवक आखिरकार घर वापस लौट आए हैं जिसके बाद उनके घर में खुशी का माहौल है। सादिक अली और उनके दोस्त नफीस अहमद ने मुंबई की एजेंसी की तरफ से इंटरनेट पर सऊदी अरब में एल्यूमिनियम फेब्रिकेटर की आवश्यकता का विज्ञापन देखकर मुंबई के एजेंट से फोन पर संपर्क किया था। जिसके बाद एजेंट ने उन्हें मुंबई बुलाया और सऊदी अरब की कंपनी के नाम एग्रीमेंट तैयार कराया। जिसमें प्रतिमाह 2000 रियाल यानी 38000 रुपये वेतन और मुफ्त भोजन-आवास शामिल था। सऊदी पहुंचने पर दोनों के पासपोर्ट जबरन रख लिए गए और इनके साथ मारपीट भी हुई।