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Delhi-NCR समेत इन राज्यों में होगी झमाझम बारिश।

Mon, 30 Jun 2025 09:34 AM IST
आदर्श वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

रविवार सुबह जब देश की राजधानी दिल्ली की सड़कों पर बारिश की बूंदें गिरनी शुरू हुईं, तो लोगों को गर्मी से राहत मिली। लेकिन ये राहत ज्यादा देर टिक नहीं सकी। भारी बारिश ने शहर के कई इलाकों में जलभराव कर दिया और ट्रैफिक को थाम दिया।
इसी बीच मौसम विभाग (IMD) ने एक ऐतिहासिक ऐलान कर दिया—दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार नौ दिन पहले ही पूरे देश में पहुंच गया है। 2020 के बाद यह पहला मौका है जब मानसून इतनी तेजी से पूरे देश में सक्रिय हो गया होDelhi-NCR समेत इन राज्यों में होगी झमाझम बारिश

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कहा है कि अगले सात दिनों तक उत्तर, पूर्व, मध्य और पूर्वोत्तर भारत में मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। झारखंड, उत्तराखंड, ओडिशा और मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में रेड अलर्ट जारी किया गया है।

रविवार को दिल्ली और आसपास के इलाकों में झमाझम बारिश हुई। सोमवार को भी बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना है। तापमान भी गिरकर अधिकतम 32°C और न्यूनतम 24°C तक रहने का अनुमान है।

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में एक प्राइवेट स्कूल “लव कुश आवासीय विद्यालय” शनिवार को भारी बारिश में जलमग्न हो गया। स्कूल परिसर से लेकर हॉस्टल और कक्षाएं पूरी तरह पानी में डूब गईं।
162 छात्र छत पर शरण लिए हुए थे और पूरी रात वहीं गुजारी। रविवार सुबह 5:30 बजे पुलिस और दमकल की टीम ने ग्रामीणों की मदद से सभी छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला। सोमवार तक राज्य में भारी बारिश और रेड अलर्ट जारी है।

चंडीगढ़ में रविवार सुबह तक 119.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। हरियाणा के रोहतक, गुरुग्राम, नूह, कैथल और पंचकूला जिलों में भी भारी वर्षा हुई। 1 जुलाई तक दोनों राज्यों में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।

देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, हरिद्वार, नैनीताल, चम्पावत, ऊधमसिंह नगर और पौड़ी जिलों में भारी से भारी बारिश का रेड अलर्ट है। पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड और नदियों के जलस्तर बढ़ने की आशंका है।
बाकी जिलों में ऑरेंज अलर्ट है। पहाड़ी रास्तों और स्कूलों पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है।

ओडिशा के बालासोर और मयूरभंज जिलों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। बुधबलंग, सुवर्णरेखा और सोनो नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने स्कूलों में छुट्टी की घोषणा कर दी है।
IMD ने चेतावनी दी है कि बंगाल की खाड़ी में बना नया निम्न दबाव क्षेत्र धीरे-धीरे झारखंड और पश्चिम बंगाल होते हुए पश्चिम-उत्तर दिशा की ओर बढ़ेगा। इसका असर 4 जुलाई तक राज्य में बना रहेगा।

हिमाचल के सोलन, शिमला, सिरमौर और बिलासपुर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 1 से 4 जुलाई तक इन जिलों में भारी बारिश की संभावना है। सोलन, कांगड़ा, मंडी में अचानक बाढ़ आने की आशंका जताई गई है।

मध्य प्रदेश: तीन दिन तक भारी बारिश की चेतावनी

30 जून: ग्वालियर, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, सतना, रीवा, शहडोल समेत कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है।

1 जुलाई: गुना, पांढुर्णा, मंडला, बालाघाट में 8 इंच तक बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

2 जुलाई: मंदसौर, नीमच, जबलपुर, सिंगरौली, शहडोल और डिंडौरी जैसे जिलों में अति भारी बारिश हो सकती है।

राज्य के कई जिलों में खेतों में पानी भरने से फसलें खराब होने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अलर्ट पर रहने को कहा है।

देशभर में समय से पहले मानसून पहुंचना पर्यावरण और कृषि के लिए राहत भरा संकेत हो सकता है, लेकिन इसका मौजूदा रूप अब खतरे की घंटी बनता जा रहा है। जलभराव, फंसे छात्र, बाढ़ की आशंका और स्कूल बंद होने जैसी घटनाएं बता रही हैं कि हम अब भी मानसून से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं।
अब जरूरत है कि स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड में रहे और लोगों को समय पर जानकारी दे ताकि राहत की यह बारिश कहीं आफत न बन जाए।

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