देश के सैनिकों और अर्धसैनिक बलों को दुश्मनों से ज्यादा जो चीज मार रही है वो है हताशा, अकेलापन और तनाव। अकेलापन और हताशा में जवान कभी खुद को मार रहे हैं तो कभी अपने साथी जवानों पर हमला कर दे रहे हैं। आकड़ों को देखें तो पिछले कई सालों में आतंकी हमलों से ज्यादा जवानों की मौत आत्महत्या और अपने साथियों के मारने से ही हुई है।