लोकसभा चुनाव के बाद उसी साल अंत में हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद तब राजग की सबसे बड़ी सहयोगी शिवसेना ने भाजपा ने नाता तोड़ा था। इसके बाद बीते साल कृषि कानूनों के खिलाफ भाजपा की सबसे पुराने सहयोगियों में से एक अकाली दल ने किनारा किया। शिवसेना के नाता तोड़ने के बाद जदयू भाजपा की सबसे बड़ी सहयोगी थी।