विदेश नीति के माहिर खिलाड़ी एस जयशंकर अब भारत के विदेश मंत्री हैं। उनके गहरे अंतर्राष्ट्रीय अनुभव का लाभ अब भारत को मिल रहा है। भारत के स्वर्णिम भविष्य के लिए वो 25 साल आगे की सोच रख रहे हैं। उनका कहना है कि हमें अतीत की गलतियों से सीखना होगा और भविष्य के लिए रणनीति बनानी होगी। एस जयशंकर का कहना है कि तकनीक और मानव संसाधन का सही इस्तेमाल ही हमारी ताकत होगी।