पश्चिम बंगाल एक बार फिर शर्मसार हुआ है। दुर्गापुर के एक निजी मेडिकल कॉलेज में ओडिशा की रहने वाली एक छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म ने ममता बनर्जी सरकार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब अभी तक आरजी कर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या का दर्द लोगों के दिल से मिटा नहीं है। अब इस नए मामले ने न केवल बंगाल की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है, बल्कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की संवेदनशीलता पर भी सवाल उठने लगे हैं।
आरजी कर मेडिकल कॉलेज कांड की पीड़िता के पिता ने दुर्गापुर घटना के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीधा हमला बोला है।
उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री अच्छी बातें कहती हैं… तो क्यों न वह आज ही फतवा जारी कर दें कि कल सुबह से कोई भी लड़की घर से बाहर न निकले। अगर लड़कियां बाहर नहीं निकलेंगी तो अपराध भी नहीं होंगे।”
भावुक होते हुए उन्होंने आगे कहा-
“अगर ममता बनर्जी अपना काम ठीक से नहीं कर सकतीं, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। जिनके हाथ में कानून है, वही अगर महिलाओं पर उंगली उठाएं, तो बाकी लोगों को कौन रोकेगा?”
उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कई यूज़र्स ने लिखा कि एक महिला मुख्यमंत्री से ऐसी संवेदनहीनता की उम्मीद नहीं थी।
दरअसल, ममता बनर्जी ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था-
“वह लड़की निजी मेडिकल कॉलेज में पढ़ रही थी, इसलिए जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन की है कि वह रात 12.30 बजे कैसे बाहर निकली। घटना वन क्षेत्र के पास हुई है, पुलिस जांच कर रही है। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, दोषियों को सजा मिलेगी।”
ममता के इस बयान को लोगों ने पीड़िता को दोष देने वाला करार दिया। सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना हो रही है कि वे “दोषियों की जगह पीड़िता की गलती” निकाल रही हैं।
विपक्षी दलों ने भी इस बयान को महिलाओं के प्रति असंवेदनशील बताया है। भाजपा की प्रदेश इकाई ने कहा कि “बंगाल की महिलाएं अब डर में जी रही हैं और ममता सरकार केवल बयानबाजी कर रही है।”
यह दर्दनाक घटना शुक्रवार रात की है। दुर्गापुर के एक निजी मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाली ओडिशा की छात्रा अपने एक दोस्त के साथ बाहर खाना खाने गई थी।
वापसी के दौरान कुछ लोगों ने उसे रोक लिया और जबरन गाड़ी में बिठाकर दुष्कर्म किया। इसके बाद उसे सड़क किनारे फेंक दिया गया।
छात्रा को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और बाकी की तलाश जारी है।
मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है।
दुर्गापुर की घटना ने पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर फिर बहस छेड़ दी है। विपक्षी दलों ने कहा कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज कांड के एक साल बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “यह सरकार महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल रही है। अब मुख्यमंत्री खुद पीड़िताओं को ही कटघरे में खड़ा कर रही हैं। यह निंदनीय है।”
वहीं कांग्रेस ने कहा कि “ममता सरकार को शर्म आनी चाहिए कि बंगाल में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, और राज्य पुलिस सिर्फ दिखावे की जांच करती है।”
पश्चिम बंगाल में आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुए दुष्कर्म और हत्या ने पिछले साल पूरे देश को झकझोर दिया था। अब दुर्गापुर की यह घटना उसी दर्दनाक अध्याय को दोहराती दिख रही है।
लोग पूछ रहे हैं आखिर बंगाल में कब तक बेटियां सुरक्षित महसूस कर पाएंगी? क्या हर बार “कड़ी कार्रवाई” का वादा ही जवाब होगा?
इस बार भी पूरा बंगाल यही पूछ रहा है “कहां है वो सुरक्षित राज्य, जिसकी गारंटी ममता दीदी ने दी थी?”