कानपुर में कोर्ट में पेशी के लिए आए एक कैदी ने अपनी गर्दन काटकर जान देने की कोशिश की। कैदी ने ब्लेड से कई बार अपनी गर्दन पर वार किया। जिसके बाद गंभीर हालत में उसे उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया गया। मर्डर के केस में जेल में बंद अपराधी शालू ने सिपाहियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि रूपये देने पर सिपाही कैदियों को वीआईपी ट्रीटमेंट देते हैं, जबकि पैसे नहीं देने वालों को परिजनों से मिलने तक नहीं देते। सिपाहियों ने जब शालू को उसके परिजनों से मिलने नहीं दिया पर गुस्से में उसने खुद को ब्लेड मार ली।