हजार और पांच सौ रुपये के नोटों के बंद होने के बाद जहां पूरे देश में बैंक और एटीएम के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगी है वहीं इस खुशी में मेरठ में एक ट्रांसपोर्टर की तरफ से भंडारा का आयोजन किया गया। आयोजनकर्ता की तरफ से लोगों को मुफ्त में भोजन कराया गया। सबसे अहम बात ये रही कि भंडारे का विज्ञापन अखबार में भी दिया गया।