बिहार के मोकामा में दुलारचंद यादव नाम के एक व्यक्ति की चुनाव प्रचार के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई और बाद में उन्हें कथित तौर पर गाड़ी से कुचल दिया गया। दुलारचंद यादव जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के समर्थक थे। यह घटना घोसवरी थाना क्षेत्र के तारतार गांव के पास हुई। स्थानीय और जन सुराज पार्टी के नेताओं ने इस जघन्य हत्याकांड का आरोप जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के उम्मीदवार अनंत सिंह के समर्थकों पर लगाया है। खबरों के अनुसार, चुनाव प्रचार के दौरान जेडीयू उम्मीदवार अनंत सिंह के समर्थकों और जन सुराज के कार्यकर्ताओं के बीच कथित तौर पर विवाद हुआ, जिसके बाद यह हिंसक झड़प हुई। आरोप है कि फायरिंग के दौरान दुलारचंद यादव के पैर में गोली लगी और जब वह सड़क पर गिरे तो उन पर महिंद्रा थार गाड़ी चढ़ाकर कुचल दिया गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से पूरे इलाके में तनाव है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह ने इस घटना के लिए आरजेडी उम्मीदवार की ओर से चुनाव लड़ रहीं वीणा देवी के पति सूरजभान सिंह पर साजिश रचने का आरोप लगाया है, जबकि दुलारचंद यादव के पोते ने अनंत सिंह पर ही हत्या का आरोप लगाया है। मृतक दुलारचंद यादव पहले मोकामा से चुनाव भी लड़ चुके थे और कभी आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के करीबी भी रहे थे।
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। तेजस्वी यादव ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है और यह लड़ाई विचारधारा और जनहित के मुद्दों पर होनी चाहिए, न कि बमबारी और गोलीबारी की। उन्होंने इस घटना को "सत्ता संपोषित दुर्दांत अपराधियों" द्वारा किया गया कृत्य बताया और आरोप लगाया कि ये अपराधी एनडीए के 'महाजंगलराज' में बाहर घूमकर तांडव मचा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी तीस साल पहले की बातें करते हैं, लेकिन उन्हें तीस मिनट पहले क्या हुआ, यह भी देखना चाहिए। तेजस्वी यादव ने सवाल उठाया कि जब राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू है और चुनाव चल रहे हैं, तब भी कुछ लोग बंदूक और गोली लेकर खुलेआम कैसे घूम रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस हत्या से बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़ा होता है और प्रधानमंत्री को यह सब आंख खोलकर देखना चाहिए। उन्होंने दुलारचंद यादव की हत्या को 'सामाजिक कार्यकर्ता' की हत्या बताया और मौजूदा सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।