लखनऊ के विकासनगर सेक्टर-12 स्थित रिंग रोड के किनारे बनी एक अवैध झुग्गी बस्ती में बुधवार शाम भीषण आग लगने की घटना सामने आई, जिसने कुछ ही समय में विकराल रूप ले लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग देर शाम अचानक लगी और तेज हवाओं तथा झोपड़ियों में मौजूद ज्वलनशील सामग्री के कारण तेजी से फैलती चली गई। बस्ती में अधिकतर झुग्गियां टीन, प्लास्टिक और लकड़ी से बनी थीं, जिससे आग को फैलने में ज्यादा समय नहीं लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
कई लोगों ने अपने सामान को बचाने की कोशिश की, लेकिन आग की तीव्रता के सामने वे असहाय नजर आए। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत और बचाव कार्य के दौरान पुलिस और स्थानीय प्रशासन भी सक्रिय रहा तथा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इस घटना में कई झोपड़ियां जलकर पूरी तरह खाक हो गईं, जिससे वहां रहने वाले परिवारों का घरेलू सामान, कपड़े, राशन और अन्य जरूरी वस्तुएं नष्ट हो गईं। हालांकि प्रारंभिक रिपोर्ट में किसी बड़ी जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कुछ लोगों को हल्की चोटें आने और धुएं से सांस लेने में दिक्कत होने की बात सामने आई है।
DM विशाक जी अय्यर ने कहा, "कल्याणपुर में बड़ी आग की घटना घटित हुई थी, दमकल विभाग, पुलिस, स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही है। आग पर काबू पा लिया गया है.लोगों की झुग्गी-झोपड़ी जल गई है, उन्हें हम रैन बसेरे में शिफ्ट कर रहे हैं। सबकी पहचान कर उन्हें रैन बसेरे में भेजा जा रहा है।"
CP अमरेंद्र के. सेंगर ने कहा, "बचाव कार्य जारी है। किसी प्रकार के जनहानि की सूचना नहीं है। असुक्षित इलाके की घेराबंदी की गई है जिससे लोगों को कोई नुकसान न हो... वर्तमान में आग की स्थिति नियंत्रण में है, थोड़ी देर में यह पूरी तरह शांत हो जाएगी।"
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, "यह बहुत बड़ी आग है। यहां दमकल की 20 से ज़्यादा गाड़ियां मौजूद हैं। आग बुझाने का काम चल रहा है। अग्निशमन अधिकारी भी यहां हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी भी यहां हैं। एंबुलेंस बुला ली गई हैं। हम घायलों को अस्पताल पहुंचा रहे हैं और उन्हें सबसे अच्छा इलाज दे रहे हैं। हमारी प्राथमिकता लोगों को बचाना है और यह देखना है कि कोई हताहत न हो..आग लगने के कारणों की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं