मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आग लगने की इस दर्दनाक घटना में कई छात्र-छात्राओं की मृत्यु हो गई, जबकि अनेक लोग घायल हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री ने अपना निर्धारित अलीगढ़ दौरा बीच में ही रद्द कर दिया और तत्काल राजधानी लौट आए। इसके बाद वे सीधे घटनास्थल पर पहुंचे, जहां उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों का विस्तृत जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से हादसे के कारणों और राहत कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त की तथा यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस दुखद घटना के लिए जो भी व्यक्ति या संस्था जिम्मेदार पाई जाएगी, उसके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि सहायता राशि शीघ्रता से प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई जाए। घटना की निष्पक्ष और व्यापक जांच सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। इस बैठक में अग्निकांड की परिस्थितियों, सुरक्षा मानकों की संभावित अनदेखी तथा जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने दोषियों की पहचान और जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का आदेश दिया। इस एसआईटी में धर्मार्थ कार्य, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात तथा लखनऊ जोन के एडीजी प्रवीण कुमार को सदस्य बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने जांच दल को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश देते हुए कहा कि जांच पूरी तरह पारदर्शी और तथ्यपरक होनी चाहिए।
इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह हादसा अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। उन्होंने स्वयं घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया तथा अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की। राजनाथ सिंह ने बताया कि सभी घायलों का समुचित उपचार किया जा रहा है और कई लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि अभी भी कुछ मरीज अस्पताल में भर्ती हैं और उनका बिना किसी परेशानी के इलाज चल रहा है। रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ने मामले की गहन जांच के निर्देश दिए हैं और जांच पूरी होने के बाद ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि इस दुखद घटना के कारणों का पता लगाया जाए, दोषियों को दंडित किया जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।