अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 1 अगस्त 2026 से जेनेरिक दवाओं के आयात पर नई टैरिफ नीति का एलान किया है। अगले दो साल तक अमेरिका में आने वाली सभी जेनेरिक दवाओं पर कोई आयात शुल्क नहीं लगेगा, लेकिन इसके बाद एक साल के लिए 100% और फिर 200% टैरिफ लागू किया जाएगा। ट्रंप का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य दवा कंपनियों को अमेरिका में ही उत्पादन शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना है, जबकि पेटेंटेड और ब्रांडेड दवाओं की मौजूदा नीति में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
भारत, जिसे 'दुनिया की दवा दुकान' कहा जाता है, इस फैसले से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में हो सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2025 में भारत ने अमेरिका को 9.7 अरब डॉलर की दवाओं का निर्यात किया, जो उसके कुल फार्मा निर्यात का 36% था। भारत की जेनेरिक दवाएं उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कैंसर और कई अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होती हैं।