केंद्र सरकार की ओर से 26 जुलाई से शुरू हुई 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी आखिरकार खत्म हो गई। इसके तहत टेलीकॉम कंपनियों को अलग-अलग फ्रीक्वेंसी पर 20 साल के लिए लीज मिली है। इसके लिए कुल 72 गीगाहर्ट्ज (GHz) 5G स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए उपलब्ध थे।
ऐसे में यह जानना अहम है कि 5G आखिर है क्या? इस स्पेक्ट्रम नीलामी में किसे क्या मिला? 5G के आने से क्या फर्क पड़ेगा? क्या इसके आने के बाद डेटा प्लान महंगे हो जाएंगे? आम उपभोक्ता को कब तक 5G सेवाएं मिलने लगेंगी? 5G स्पीड के अलावा और कौन सी सुविधाएं मिलेंगी?