गुजरात की राजधानी में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाला विमान हादसा हुआ। एअर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद रिहायशी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा इतना भयानक था कि विमान में सवार 242 यात्रियों सहित आसपास की इमारत में मौजूद लोगों को मिलाकर कुल 265 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मृतकों में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का नाम भी सामने आया है, जिसने हादसे को और भी बड़ा बना दिया है।
यह विमान AI-171 अहमदाबाद से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए उड़ान भर रहा था। टेकऑफ दोपहर 1:39 बजे रनवे 23 से हुआ और कुछ ही मिनटों के भीतर पायलट की ओर से मेडे कॉल (आपात स्थिति का संकेत) एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को मिली। दुर्भाग्यवश, उसके बाद कोई प्रतिक्रिया नहीं आई और देखते ही देखते विमान एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर गिर पड़ा।
हादसे के संभावित कारण: 3 प्रमुख थ्योरी
1. लैंडिंग गियर खुला रहना
अमेरिकी एयरोस्पेस सलाहकार एंथनी ब्रिकहाउस ने इस बात पर चिंता जताई कि टेकऑफ के दौरान विमान के लैंडिंग गियर ऊपर क्यों नहीं हुए। लैंडिंग गियर खुले रहना एक गंभीर तकनीकी समस्या की ओर इशारा करता है। इस बात की पुष्टि वायरल वीडियो से होती है जिसमें विमान हवा में उठने के तुरंत बाद असामान्य ढंग से झुकता दिख रहा है। इससे संकेत मिलता है कि पायलट को गड़बड़ी का पहले ही अंदाजा हो गया था और वे स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहे थे।
2. दोनों इंजन का फेल होना
विशेषज्ञों के अनुसार, यह संभव है कि टेकऑफ के दौरान विमान के दोनों इंजन पावर लॉस का शिकार हो गए। जब इंजन पूरी क्षमता से काम नहीं करते, तो पायलट के पास विमान को सुरक्षित क्षेत्र में ले जाने का विकल्प बहुत सीमित होता है। अगर एक भी इंजन सही स्थिति में काम करता, तो विमान आबादी से दूर ले जाया जा सकता था। वायुसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी एवीएम सूर्यकांत के अनुसार, इस स्थिति में विमान की स्पीड इतनी कम हो गई थी कि वह कंट्रोल खो बैठा।
3. तकनीकी खामी या असेंबली में गड़बड़ी
अमेरिकी विशेषज्ञ जॉन एम कॉक्स ने आशंका जताई है कि हो सकता है विमान उड़ान के लिए तकनीकी रूप से तैयार न हो। उन्होंने बताया कि टेकऑफ के बाद विमान की ‘नोज़’ ऊपर की ओर उठती है, लेकिन फिर जल्द ही नीचे गिरती है – यह इस बात का संकेत है कि विमान को आवश्यक लिफ्ट नहीं मिल रही थी। कॉक्स के मुताबिक, फोटो और वीडियो में फ्लैप्स भी सही पोजिशन में नहीं दिख रहे हैं।
कुछ विशेषज्ञ इस बात की भी आशंका जता रहे हैं कि विमान किसी बड़े पक्षी या पक्षियों के झुंड से टकरा गया हो। हालांकि एयरपोर्ट के आसपास पक्षियों की निगरानी की जाती है, फिर भी टकराव की पूरी संभावना को नकारा नहीं जा सकता।
दिल्ली से अहमदाबाद इसी विमान से यात्रा कर चुके यात्री आकाश वत्स ने हादसे से दो घंटे पहले ही विमान में तकनीकी खामियों का वीडियो बना लिया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि विमान में असामान्य कंपन, तेज आवाज और पायलट की ओर से टर्बुलेंस की चेतावनी मिली थी। उन्होंने एअर इंडिया को टैग करते हुए शिकायत भी की थी।
ब्रिटेन की एयर एक्सीडेंट्स इन्वेस्टिगेशन ब्रांच (AAIB) ने इस हादसे की जांच में सहयोग देने के लिए भारत में अपनी टीम भेजने की घोषणा की है। भारतीय विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB India) के साथ मिलकर यह टीम तकनीकी और यांत्रिक कारणों की गहन जांच करेगी।
विमान में सवार यात्रियों में:
• 169 भारतीय नागरिक
• 53 ब्रिटिश नागरिक
• 7 पुर्तगाली नागरिक
• 1 कनाडाई नागरिक
सवार थे। इसके अलावा 12 क्रू मेंबर भी विमान में मौजूद थे।
विमान के गिरने से पहले पायलट ने हॉस्टल बिल्डिंग को बचाने की पूरी कोशिश की। चश्मदीदों के अनुसार, विमान आखिरी क्षण तक नियंत्रित स्थिति में था, जो बताता है कि पायलट ने लास्ट मोमेंट तक क्रैश को टालने की कोशिश की।
अहमदाबाद का यह विमान हादसा भारत के नागरिक उड्डयन इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक बन गया है। शुरुआती जांच रिपोर्ट कई संभावनाओं की ओर इशारा कर रही है – तकनीकी खामी, असेंबली में लापरवाही, इंजन फेलियर और संभावित बर्ड स्ट्राइक। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियां इन थ्योरीज़ की पुष्टि करेंगी। फिलहाल देश भर में शोक की लहर है और विमानन सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।