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Heavy Snowfall in Himachal: हिमाचल में बर्फबारी का ये नजारा डरा देगा!

अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Updated Sat, 24 Jan 2026 09:16 PM IST

चार महीने से सूखे की मार झेल रहे हिमाचल प्रदेश में आखिरकार बारिश और बर्फबारी ने दस्तक तो दी, लेकिन यह राहत अब धीरे-धीरे एक बड़े संकट में बदलती नजर आ रही है। शुरुआत में जिस बर्फबारी को पर्यटक जश्न और रोमांच के रूप में देख रहे थे, वही अब हजारों सैलानियों के लिए मुसीबत बन चुकी है। पहाड़ों की रानी शिमला, मनाली, डलहौजी और चायल में सीजन की पहली बर्फबारी ने जहां सैलानियों के चेहरे पर मुस्कान लाई, वहीं कुछ ही घंटों में यही बर्फ लोगों को रास्तों में जाम कर, होटलों में कैद और सड़कों पर फंसा देने वाली आफ़त बन गई।

प्रदेश में भारी बर्फबारी और बारिश के चलते पांच नेशनल हाईवे समेत 563 सड़कें बंद हो चुकी हैं। अपर शिमला, कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जैसे इलाकों का संपर्क कई जगह पूरी तरह कट गया है। सैकड़ों पर्यटक वाहन बर्फ में फंसे हुए हैं। शिमला और मनाली की सड़कों पर पर्यटकों की गाड़ियां घंटों तक बर्फ में जमी रहीं, जिससे कई परिवार खुले आसमान और ठंड में फंसे रहे।

कुफरी-फागू से 100 और आनी के रघुपुरगढ़ से 48 लोगों को रेस्क्यू किया गया, लेकिन अभी भी हजारों सैलानियों के फंसे होने की आशंका है। मनाली, कुल्लू और शिमला में होटल फुल हैं, लेकिन बाहर निकलने के रास्ते बंद हैं। पर्यटक जो बर्फ में सेल्फी और वीडियो बनाकर जश्न मना रहे थे, अब वही लोग होटल लॉबी में मौसम खुलने का इंतजार कर रहे हैं।

बर्फबारी से बिजली व्यवस्था भी चरमरा गई है। प्रदेश में 10,384 ट्रांसफार्मर ठप हैं, जिससे सैकड़ों गांव अंधेरे में डूबे हैं। कई पर्यटन स्थलों पर हीटर और बिजली की कमी से सैलानियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूध, ब्रेड और जरूरी सामान की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।

खराब मौसम के चलते कांगड़ा, कुल्लू और शिमला हवाई अड्डों पर उड़ानें रद्द कर दी गईं। कालका-शिमला रेल ट्रैक पर पेड़ गिरने से ट्रेन सेवाएं घंटों बाधित रहीं। मनाली-लेह, शिमला-किन्नौर, चंबा-भरमौर जैसे अहम मार्ग बंद होने से पर्यटन और स्थानीय जीवन दोनों पर गहरा असर पड़ा है।

मौसम विभाग और प्रशासन ने हालात को और गंभीर बताते हुए हिमस्खलन का अलर्ट जारी किया है। कुल्लू और लाहौल के ऊपरी इलाकों में हिमखंड गिरने की चेतावनी दी गई है। अटल टनल रोहतांग और आसपास के इलाकों को अति संवेदनशील घोषित किया गया है। प्रशासन ने सैलानियों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा न करें और संवेदनशील इलाकों से दूर रहें।

इस बीच, बर्फबारी और बारिश से चार लोगों की मौत ने हालात की गंभीरता को और उजागर कर दिया है। जो बर्फ कल तक पर्यटन का उत्सव थी, वही अब जानलेवा साबित हो रही है। हिमाचल में सफेद चादर ने खूबसूरती तो बिखेरी है, लेकिन इसके नीचे छुपा खतरा अब सैलानियों और स्थानीय लोगों दोनों के लिए एक बड़ी चेतावनी बन चुका है।

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