कोटद्वार शहर से सटे एक गांव में रविवार सुबह घुसे गुलदार ने लोगों को दिन भर दहशत में रखा। डर के मारे लोग घरों में दुबक गए। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। लैंसडौन के डीएफओ नितिशमणि त्रिपाठी की अगुवाई में वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने, ट्रेंकुलाइज करने के लिए विशेषज्ञ बुलवाए गए। करीब सात घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान में जैसे ही गुलदार को ट्रेंकुलाइज कर जाल में फंसाने का प्रयास किया गया, गुलदार जाल फाड़कर कैद से निकल भागा। गुलदार ने दो वन कर्मियों को हमलाकर जख्मी कर दिया और एक घर में घुस गया। घर के अंदर परिवार और बच्चों को बचाने के लिए शिकारी ने गुलदार को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। गुलदार के मरने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।