इथियोपिया के अफ़ार इलाके में हायली गुब्बी ज्वालामुखी 23 नवंबर की सुबह फट गया था. इससे आसपास के इलाकों के ऊपर धूल की परत जम गई. पिछले 12,000 वर्षों में हायली गुब्बी ज्वालामुखी के विस्फोट का ये पहला मामला है. लेकिन इस ज्वालामुखी विस्फोट को भारत से जोड़कर क्यों देखा जा रहा है। ऐसा क्यों कहा जा रहा है कि इथियोपिया में फटे ज्वालामुखी की राख भारत पहुंच गई है और अगर ऐसा हो भी गया है तो इससे क्या होगा। दरअसल ज्वालामुखी फटने के बाद सैटेलाइट तस्वीरों में राख का बादल लाल सागर के ऊपर तैरता हुआ दिखाई दिया. स्थानीय मीडिया का कहना है कि इससे कोई हताहत नहीं हुआ है, लेकिन चेतावनी दी है कि राख स्थानीय पशुपालकों की आजीविका को प्रभावित कर सकती है. फिलहाल इस पर IMD ने अपडेट देते हुए बताया कि राख के बादल चीन की ओर बढ़ रहे हैं और मंगलवार शाम तक भारत से दूर हो जाएंगे और राख का ये भारत शाम के बाद चीन पहुंच जाएगा। आपको बता दें कि ये ज्वालामुखी जियोलॉजिकली एक्टिव रिफ्ट वैली में है, जहां दो टेक्टोनिक प्लेट्स मिलती हैं। राख लाल सागर से होते हुए यमन और ओमान तक गई और फिर भारत की ओर बढ़ने लगी थी।