सीता और मिया की दर्दभरी कहानी सुनकर आपकी आंखें नम हो जाएंगी। मथुरा के एलिफेंट कंजरवेशन एंड केयर सेंटर में रहने वाली 55 साल की हथिनी सीता बैठ नहीं पाती, जबकि 43 साल की मिया से उठा भी नहीं जाता।सर्कस वालों ने दोनों हथनियों को अपने इशारे पर नचाने के लिए सीता और के पैर की हड्डियां तोड़ दी। सामाजिक संगठनों ने सीता और मीया को सर्कस से आजाद कराया।