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सीता खेलती थी ... मिया नाचती थी, सर्कस वालों ने इतना मारा कि अब चला भी नहीं जाता

पुनीत शर्मा/रामकुमार रौतेला, अमर उजाला मथुरा Updated Sun, 09 Oct 2016 04:19 PM IST

सीता और मिया की दर्दभरी कहानी सुनकर आपकी आंखें नम हो जाएंगी।  मथुरा के एलिफेंट कंजरवेशन एंड केयर सेंटर में रहने वाली 55 साल की हथिनी सीता बैठ नहीं पाती, जबकि 43 साल की मिया से उठा भी नहीं जाता।सर्कस वालों ने दोनों हथनियों को अपने इशारे पर नचाने के लिए सीता और के पैर की हड्डियां तोड़ दी। सामाजिक संगठनों ने सीता और मीया को सर्कस से आजाद कराया। 
 

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