बरेली का ऐतिहासिक मोती पार्क आज अपने हालात पर रो रहा है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जिस मोती पार्क में आजादी के दीवानों की सभाएं होती थीं, आज वहां गाड़ियों की पार्किंग होती है। 1921 में इसी मोती पार्क में महात्मा गांधी ने एक सभा का आयोजन किया था, गोविंद वल्लभ पंत और चौधरी चरण सिंह की चुनावी सभाओं का गवाह रह चुका मोती पार्क आज अपने हाल पर रो रहा है।