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Delhi's Artificial Rain Flop: Delhi में क्लाउड सीडिंग फेल? बारिश न होने पर उठे ये सवाल | Delhi Rain

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर Updated Wed, 29 Oct 2025 08:30 AM IST

दिल्ली में प्रदूषण को कम करने या कहें तो निजात दिलाने के लिए दिल्ली सरकार ने कृत्रिम बारिश का सफल परीक्षण किया, लेकिन बारिश नहीं हुई। अब इसपर सवाल हो रहे है आप ने इसको लेकर निशाना साधा है। वहीं दूसरी तरफ इस पर दिल्ली सरकार की ओर से कहा गया है कि आईएमडी द्वारा पूर्वानुमानित नमी की मात्रा 10-15 प्रतिशत कम थी, जो क्लाउड सीडिंग के लिए आदर्श नहीं है। साथ ही बताया कि दिल्ली में क्लाउड सीडिंग परीक्षणों से उन स्थानों पर पार्टिकुलेट मैटर को कम करने में मदद मिली, जहां यह प्रक्रिया की गई थी। क्लाउड सीडिंग परीक्षण के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा में वर्षा की दो घटनाएं दर्ज की गईं। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि कानपुर से आए सेसना विमान ने बुराड़ी, करोलबाग उत्तर और मयूर विहार जैसे क्षेत्रों में क्लाउड सीडिंग की। राजधानी दिल्ली में क्लाउड सीडिंग का यह दूसरा ट्रायल था। बादलों में आठ फ्लेयर्स छोड़े गए, जिनका वजन दो से ढाई किलो था। यह प्रक्रिया लगभग आधे घंटे तक चली। फ्लेयर (सीडिंग का घोल जिसके जरिये छिड़का गया) का प्रभाव करीब 17 से 18 मिनट तक रहा। उन्होंने बताया कि आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों के अनुसार इस परीक्षण के बाद 15 मिनट से लेकर 4 घंटे के भीतर हल्की बारिश हो सकती है, हालांकि नमी का स्तर केवल 15 से 20 प्रतिशत होने से भारी वर्षा की संभावना नहीं है। मंत्री ने कहा कि मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस समय हवा का रुख उत्तर दिशा में है, इसलिए उन्हीं इलाकों में प्रयोग किए गए। दिल्ली सरकार ने 25 सितंबर को आईआईटी कानपुर से एक समझौता किया था। इसके मुताबिक उत्तर पश्चिमी दिल्ली में पांच कृत्रिम बारिश के परीक्षण किए जाएंगे। दिल्ली कैबिनेट ने इस साल 7 मई को 3.21 करोड़ रुपये की लागत से पांच क्लाउड सीडिंग की मंजूरी दी थी। फिलहाल बारिश न होने पर इसकी चर्चा तेज है। 

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