अब जबकि शिवसेना पर ठाकरे परिवार के एकाधिकार को बचाए रखने के लिए उद्धव ठाकरे देश की सबसे बड़ी अदालत में संघर्ष कर रहे हैं। शिवसेना एक तरह से ठाकरे परिवार के एकाधिकार से मुक्त होने की राह पर है। ऐसे में हर किसी की जबान पर है कि जो शिवसेना ठाकरे परिवार की पर्यायवाची मानी जाती थी, उस शिवसेना पर ठाकरे परिवार की पकड़ ढीली कैसे पड़ी और पार्टी इस परिस्थिति का सामना क्यों कर रही है?