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सीएम उमर अब्दुल्ला ने कश्मीर और PoJK पर दिया बड़ा बयान! 80th Independence Day | Jammu-Kashmir News

अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Updated Sat, 15 Aug 2026 07:59 PM IST

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में 80वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न... बख्शी स्टेडियम में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तिरंगा फहराया और परेड की सलामी ली। लेकिन अपने संबोधन में उमर अब्दुल्ला ने सिर्फ आजादी के जश्न की बात नहीं की, बल्कि 1947 के उस दौर को याद किया, जब जम्मू-कश्मीर पर कबायली हमलावरों और पाकिस्तानी फौज ने हमला किया था। साथ ही PoJK के मौजूदा हालात का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 1947 में भारत के साथ रहने का फैसला सही था।

श्रीनगर का बख्शी स्टेडियम... आजादी के जश्न में तिरंगे के रंग में रंगा नजर आया। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने यहां 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। इससे पहले उन्होंने श्रीनगर के बलिदान स्तंभ पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने संबोधन में 1947 के इतिहास का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब पाकिस्तानी फौज और कबायली हमलावरों ने जम्मू-कश्मीर पर हमला किया था, तब भारतीय सेना के पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों ने भी उनका मुकाबला किया था। उमर ने कहा कि उस दौर में कश्मीर की गलियों में एक नारा गूंजता था “हमलावर खबरदार, हम कश्मीरी हैं तैयार।”

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जिन लोगों के पास हथियार थे, उन्होंने बंदूक उठाई और जिनके पास हथियार नहीं थे, उन्होंने लकड़ी की नकली बंदूकों तक से मुकाबला किया। उन्होंने कहा कि उन लोगों ने अपनी जान की कुर्बानी देकर जम्मू-कश्मीर की रक्षा की। मुख्यमंत्री ने इन बलिदानों को इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि उन लोगों की कुर्बानी व्यर्थ नहीं गई।

इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर यानी PoJK के हालात का भी जिक्र किया। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि नियंत्रण रेखा के उस पार की स्थिति देखकर उन्हें लगता है कि 1947 में जम्मू-कश्मीर का भारत के साथ रहने का फैसला सही था। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उस समय हमलावरों के खिलाफ आवाज उठाई थी, उनका निर्णय सही था।

उमर अब्दुल्ला ने PoJK को लेकर भी अपना रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर का वह हिस्सा भी उनका है और वहां रहने वाले लोगों को वे अपना मानते हैं। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा में PoJK के लिए सीटें आरक्षित हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में वहां के प्रतिनिधि इन सीटों पर बैठ सकेंगे।

अपने संबोधन में उमर अब्दुल्ला ने लोकतंत्र और संघवाद को भारत की बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि हर परिस्थिति में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखते हुए श्रीनगर समेत पूरे कश्मीर में सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे। बख्शी स्टेडियम और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों ने विशेष निगरानी रखी।

श्रीनगर में आजादी के जश्न के बीच उमर अब्दुल्ला का भाषण इतिहास, लोकतंत्र और PoJK के मुद्दे पर केंद्रित रहा। 1947 के संघर्ष को याद करते हुए उन्होंने भारत के साथ जम्मू-कश्मीर के रिश्ते को सही फैसला बताया और PoJK के लोगों को भी अपना हिस्सा करार दिया।

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