साल 2014 में कहा गया चायवाला क्या जीतेगा, पर वहीं चायवाला देश का प्रधानमंत्री बना। साल 2017, कैनवस अलग था, तस्वीर भी अलग थी पर विरोधियों के रंग वहीं थे। इसबार कहा गया कि बाहर से आया, खुद को गोद लिया बतानेवाला क्या करेगा। पर जब कैनवस पर तस्वीर पूरी हुई तो तस्वीर कुछ वैसी ही बनी जैसी 2014 में थी। यूपी के कैनवस पर सिर्फ मोदी हैं, कमल है और है सिर्फ बीजेपी।