हादसा तब हुआ जब इंजन को आगे बढ़ाने के बजाय ट्रेन के ड्राइवर ने इंजन को पीछे कर दिया। ड्राइवर को जब इस हादसे का पता चला तो वह इंजन को वैसे ही छोड़कर भाग निकला। ड्राइवर के भाग जाने की वजह से करीब दो घंटे तक मृतक का शव इंजन और बोगी के बीच में ही फंसा रहा। बड़ी मशक्कत के बाद शव को बोगी से निकाला गया।