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हिंदी में नहीं थे संसद और संविधान जैसे शब्द, इस शख्स को माना जाता है जनक

कनवर्जेंस डेस्क, अमर उजाला Updated Sat, 05 Oct 2019 02:02 PM IST

हिंदी भाषा का इतिहास तकरीबन 1000 साल पुराना है। समय के साथ इस भाषा में कई शब्द भी जोड़े गए। क्या आपको पता है कि संसद और संविधान जैसे शब्द किसी भी भाषा में कभी थे ही नहीं। इन्हें वजूद में लाने का श्रेय एक क्रांतिकारी और पत्रकार को जाता है।
 

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