दो पैन कार्ड मामले में रामपुर जेल में सजा काट रहे सपा नेता आजम खां को सर्दी-जुकाम, खांसी के कारण सांस लेने में दिक्कत हो गई। उन्होंने स्टीमर मशीन और दवा मांगी, जिस पर उन्हें जेल प्रशासन की ओर से मशीन और दवा दी गई।सपा नेता आजम खां अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के दो पैन कार्ड मामले में सात साल की सजा रामपुर जेल में काट रहे हैं। उनके साथ उनका छोटे बेटे अब्दुल्ला आजम भी जेल में सजा काट रहे हैं। रामपुर जेल में बंद सपा नेता ने सजा के बाद ही ए कैटागिरी की जेल के साथ ही बेटे के साथ रहने की इच्छा जाहिर की थी, जिस पर कोर्ट ने जेल प्रशासन को रामपुर जेल में ही सुरक्षा के साथ ही ए कैटागिरी की सुविधा उपलब्ध कराने को कहा है। सपा नेता आजम खां किसी से मुलाकात नहीं कर रहे हैं। जेल में बंद आजम खां को कैदी संख्या 425 नंबर दिया गया है,जबकि उनके बेटे 426 नबंर दिया गया है। जेल सूत्रों के मुताबिक सपा नेता को सर्दी जुकाम की शिकायत हुई है। उन्होंने जेल के अफसरों से स्टीमर मशीन व दवा उपलब्ध कराने को कहा, जिस पर जेल प्रशासन की ओर से स्टीमर उपलब्ध कराया गया है। साथ ही दवा भी उपलब्ध कराई गई है। जेलर सुनील सिंह के अनुसार यह मशीन उपलब्ध करा दी गई है। वहीं आपको ये भी बता दे की इससे पहले कुर्सी नहीं देने से आजम खां गुस्सा गए, उन्होंने मुलाकात से मना कर दिया। उधर, आजम खां ने बृहस्पतिवार को जेल अधीक्षक से कोर्ट के आदेश की प्रति मांगी। जेल प्रशासन ने उन्हें आदेश की प्रति उपलब्ध करा दी है। वहीं सोमवार रात आजम ने घर से कंबल की मांग की। जेल प्रशासन ने उनसे मना किया तो आजम खां नाराज हो गए थे।
जेल प्रशासन के अनुसार, सपा नेता आजम खां बुधवार को अपने वकीलों से मिले थे। इस दौरान वकील ने उन्हें कोर्ट के आदेश के बारे में बताया। उधर बृहस्पतिवार को आजम ने जेल प्रशासन को पत्र लिखकर कोर्ट के आदेश की प्रति मांगी। जेल प्रशासन ने उन्हें कोर्ट की आदेश की कॉपी उपलब्ध कराई। इससे पूर्व आजम खां ने जेल प्रशासन से अपनी सेहत का हवाला देते हुए बैठने के लिए कुर्सी की मांग की। जेल प्रशासन ने जेल मैनुअल का हवाला देते हुए कुर्सी देने से मना कर दिया, जिस पर आजम खां नाराज हो गए और अपने बेटे व बहन से मुलाकात करने से मना कर दिया। पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां और उनके बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम के जेल में बंद होने के बाद पुलिस-प्रशासन ने जेल की सुरक्षा बढ़ा दी है।
जेल अधीक्षक राजेश यादव ने बताया कि राजनीतिक बंदियों की मौजूदगी के कारण जेल के बाहर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी की मांग की गई थी। जेल के अंदर की सुरक्षा व्यवस्था भी की गई है। एसपी विद्यासागर मिश्र ने बताया कि जेल के बाहर अतिरिक्त फोर्स तैनात किया गया है।