मां चिंतपूर्णी के दरबार में श्रद्धालु अपनी-अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं, लेकिन मन्नत पूरी होने के बाद आस्था और श्रद्धा का एक अनोखा नजारा चिंतपूर्णी के बाजार में देखने को मिला। फगवाड़ा निवासी रंजीत कुमार अपनी मन्नत पूरी होने पर मां चिंतपूर्णी का धन्यवाद करने के लिए घुटनों के बल मंदिर की ओर पहुंचे। रंजीत कुमार हाथों में ज्योत लेकर घुटनों के बल आगे बढ़ रहे थे। उनके इस अनोखे श्रद्धा भाव को देखकर बाजार में मौजूद श्रद्धालु और स्थानीय लोग भी हैरान रह गए। इस दौरान कई लोग उनके इस संकल्प को देखते हुए नजर आए। रंजीत कुमार ने बताया कि उन्होंने मां चिंतपूर्णी के दरबार में एक मन्नत मांगी थी। मां की कृपा से जब उनकी मुराद पूरी हुई तो उन्होंने माता रानी का आभार जताने के लिए घुटनों के बल दरबार में पहुंचकर अर्पित करने का संकल्प लिया था। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए वह फगवाड़ा से चिंतपूर्णी पहुंचे। रंजीत कुमार का कहना था कि मां चिंतपूर्णी के प्रति उनकी गहरी आस्था है और मन्नत पूरी होने के बाद वह माता रानी का शुक्रिया अदा करने पहुंचे हैं। उनके इस श्रद्धा भाव ने मेले के दौरान चिंतपूर्णी में आस्था की एक अलग ही तस्वीर पेश की।