तहसीलदार रिकवरी एचएएस अधिकारी डॉक्टर शिखा राणा का कहना है कि बच्चों के जीवन में बदलाव लाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के पीछे माता-पिता का अहम रोल होता है। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लठियाणी में आयोजित अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने अपने पति से प्रेरणा पाकर प्रशासनिक सेवाएं में आईं और इससे पहले फिजियोथैरेपिस्ट पीजीआई में बतौर चिकित्सक सेवाएं दीं। कोरोना काल में बतौर महिला तहसीलदार होने के नाते मृतकों का देह संस्कार करने सहित अन्य कई कार्य किए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई योजना के तहत करने के लिए प्रेरित किया और कहा कि वह आज जिस पद पर बतौर प्रशासनिक अधिकारी के रूप में सेवारत हैं, लेकिन अभी तक इंस्टाग्राम तक नहीं चलाया है। उन्होंने कहा कि त्याग और समर्पण से ही लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। इस अवसर पर स्कूल प्रिंसिपल संजीव शर्मा ने अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से बच्चों की सोच में बदलाव आता है और जिससे आगे चलकर समाज में दूसरे लोगों को भी प्रेरित करते हैं।