नालागढ़ डिपो की एचआरटीसी बस (HP 12-2636) बुधवार दोपहर नालागढ़ से दिग्गल-चंडी की ओर जाते समय रामशहर से करीब चार किलोमीटर दूर रामगढ़ के जंगल में तकनीकी खराबी के कारण बीच रास्ते में बंद हो गई। बस में करीब 35 यात्री सवार थे, जिन्हें काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस के बेयरिंग में खराबी आने के कारण यह समस्या हुई। चालक ने बेयरिंग से असामान्य आवाज सुनते ही सूझबूझ दिखाते हुए बस को सड़क किनारे सुरक्षित खड़ा कर दिया। इससे किसी संभावित बड़े हादसे से बचाव हो गया। बस खराब होने के बाद यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए मजबूरी में टैक्सी और अन्य निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। कई यात्रियों ने अतिरिक्त किराया देकर सफर पूरा किया। स्थानीय ग्रामीणों और यात्रियों का आरोप है कि नालागढ़ डिपो की पुरानी बसें आए दिन तकनीकी खराबी के कारण बीच रास्ते में बंद हो जाती हैं। इससे कर्मचारियों, विद्यार्थियों और आम यात्रियों को लगातार परेशानी उठानी पड़ रही है। नालागढ़ बस अड्डा इंचार्ज ने बताया कि सूचना मिलते ही मैकेनिक को मौके पर भेज दिया गया था। उन्होंने कहा कि वर्तमान में डिपो के पास 62 बसों से 163 रूट संचालित किए जा रहे हैं, जिससे बसों की कमी बनी हुई है। उन्होंने बताया कि हाल ही में मिली 15 नई इलेक्ट्रिक बसों की पासिंग प्रक्रिया करीब 12 दिनों में पूरी होने की उम्मीद है। इसके बाद बसों की उपलब्धता बढ़ेगी और यात्रियों को राहत मिलने की संभावना है। स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल बुधवार को ही शिमला रूट पर तीन बसों के खराब होने की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने परिवहन विभाग से बसों की नियमित तकनीकी जांच और समय पर मरम्मत सुनिश्चित करने की मांग की है।