सावन के पांचवें सोमवार और नाग पंचमी के अवसर पर धर्मपुर स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। सोमवार सुबह करीब छह बजे से ही स्थानीय लोग पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचने लगे। श्रद्धालुओं ने अपनी बारी का इंतजार कर भगवान शिव की पूजा की और शिवलिंग पर दूध, दही, बेलपत्र, चंदन और केले सहित अन्य सामग्री अर्पित की। मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए महिलाओं की भागीदारी भी अधिक रही। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की आराधना कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मंदिर के पुजारी त्रिभुवन पांडे ने बताया कि सावन का पांचवां सोमवार होने के साथ नाग पंचमी का पर्व भी है। उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार नाग पंचमी का दिन विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष माना जाता है, वे नाग-नागिन का जोड़ा शिवलिंग पर अर्पित करते हैं। उन्होंने बताया कि सावन का महीना हिंदू धार्मिक आस्था में भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। सावन के प्रत्येक सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर शिवलिंग पर बेलपत्र, चंदन और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करते हैं। पुजारी के अनुसार पूर्णिमा के सोमवार को ‘ॐ नमः शिवाय’ का 11 या 21 बार जाप करने की भी धार्मिक मान्यता है। सावन के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी रहता है।