पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीणों व छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को नाहन में पहुंचा। ग्रामीणों ने यहां उपायुक्त के माध्यम से एक ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा। ज्ञापन में सरकार से मांग की गई कि हिमाचल पथ परिवहन निगम की नाहन डिपो की सराहां से नाडव-खोजर चलने वाली बस सेवा को बंद न किया जाए। उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि इस बस सेवा को बंद कर निजी ऑपरेटर के हवाले किया गया तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में शामिल राजेंद्र ठाकुर, अभिषेक शर्मा, अरूण शर्मा, शुभम चौहान, मनदीप, गौरव, पंकज, मनीष, गुलशन, रजत, कौशल, प्रवीण, अखिल शर्मा आदि ने बताया कि हिमाचल पथ परिवहन निगम डिपो नाहन का बस रूट सराहां से नाडब-खोजर को निजी बस संचालकों को दिए जाने की जानकारी मिल रही है। उन्होंने बताया कि यह एकमात्र सरकारी बस रूट है जो कि पिछले 20-22 वर्षों से यहां नियमित रूप से चला हुआ है। शुरू में यह बस सेवा सराहां से चमरोगी नाहन तक लगभग 20 किलोमीटर पर तक चलाई गई थी। इसके बाद लोगों की मांग पर इसे मेहन्दोबाग और फिर नाडव-खोजर तक शुरू कर दिया था। इस रूट पर पड़ने वाली लगभग 6 पंचायतों के कई दर्जन गांवों के 10 से 12 हजार ग्रामीणों को सीधा लाभ मिल रहा है। बस से प्रतिदिन इस क्षेत्र के स्कूल, कॉलेज, आईटीआई जाने वाले पासधारक छात्र-छात्राओं के साथ-साथ एकमात्र सीएचसी सराहां में इलाज करवाने वाले मरीज लोग, गरीब व अन्य पासधारक लोगों को सुविधा मिल रही है। ग्रामीणों ने बताया कि इस रूट पर इसके अलावा कोई अन्य सरकारी बस सेवा नहीं है। इतनी सवारियां होने के बावजूद भी जानबूझकर निगम इसे घाटे में बताकर बंद करने की तैयारी में है ताकि निजी संचालक को यह रूट दिया जा सके। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने यहां सड़क बनाने के लिए अपनी जमीनें तक दान दी हैं ताकि सभी को सुविधा मिल सके, लेकिन अब बस को बंद करने की तैयारी है। ऐसे में लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि इस रूट को बंद किया गया तो सड़कों पर उतरकर आंदोलन होगा।