वर्तमान कांग्रेस सरकार ने हिमाचल प्रदेश को विकास के मामले में पीछे धकेल दिया है। प्रदेश में विकास कार्य ठप पड़े हैं। जनता पर टैक्स बोझ डाला गया है। स्कूलों का मर्जर नहीं बल्कि बंद किया जा रहा है। यह मर्जर नहीं, शिक्षा व्यवस्था के लिए मर्ज है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने यह आरोप सोमवार को नाहन में आयोजित पत्रकार वार्ता में जड़े। उन्होंने कहा कि यह मर्जर नहीं, शिक्षा व्यवस्था के लिए मर्ज है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आते ही सरकार ने डीज़ल पर सात रुपये प्रति लीटर टैक्स लगाकर लगभग 7000 करोड़ रुपये जनता की जेब से निकाल लिए। सीमेंट के दाम करीब 100 रुपये प्रति बैग बढ़ा दिए गए, स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस में वृद्धि की गई और बिजली दरों में भारी बढ़ोतरी से आम जनता त्राहिमाम कर रही है। डॉ. ने सरकार के राशन डिपुओं में राशन महंगा करने और कटौती करने के निर्णय की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि एंट्री टैक्स को कई गुना बढ़ाकर सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों और श्रद्धालुओं पर अतिरिक्त बोझ डाला गया है। कालाअंब से प्रवेश करने वाली गाड़ी, जो पहले शून्य शुल्क में आती थी, अब 170 रुपये देकर आएगी। माता बाला सुंदरी मंदिर, नैना देवी मंदिर, चिंतपूर्णी मंदिर, कांगड़ा देवी मंदिर, ज्वाला जी मंदिर और चामुंडा देवी मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को अब दर्शन से पहले टैक्स चुकाना पड़ेगा। उन्होंने पंचायत चुनावों को लेकर भी सवाल उठाए। कांग्रेस सरकार ने पंचायत चुनाव टालने का भरसक प्रयास किया। अक्तूबर 2025 में चुनाव आयोग की ओर से तैयारियां पूरी कर मसौदा भेजे जाने के बावजूद सरकार ने नई-नई आपत्तियां लगाकर चुनाव प्रक्रिया को लटकाया।