बच्चों के सर्वांगीण विकास और उनमें नैतिक मूल्यों के संवर्धन के उद्देश्य से रविवार को नाहन स्थित साई हॉल में बाल विकास गुरु प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बाल विकास के तहत निशुल्क संस्कारित शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान बाल विकास की गुरु एवं संयोजिका निरुपमा जोशी ने कहा कि समाज, परिवार और राष्ट्र के लिए आदर्श नागरिक तैयार करने में बचपन से दिए गए संस्कारों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने बताया कि श्री सत्य साई बाबा द्वारा वर्ष 1969 में शुरू की गई बाल विकास की मुहिम आज एक व्यापक आंदोलन का रूप ले चुकी है। उन्होंने कहा कि बाल विकास कार्यक्रम बच्चों में नैतिकता, अनुशासन, सेवा भावना और मानवीय मूल्यों का विकास करने का प्रभावी माध्यम है। इसके जरिए बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार भी दिए जाते हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण, भजन और संकीर्तन से हुआ। इसके बाद विभिन्न विषयों पर साई भक्तों ने अपने विचार साझा करते हुए विद्यार्थियों को बाल विकास के महत्व और जीवन में नैतिक मूल्यों की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी। वक्ताओं ने कहा कि संस्कारयुक्त शिक्षा बच्चों को जिम्मेदार, संवेदनशील और जागरूक नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भी विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया और बाल विकास से जुड़ी शिक्षाओं को आत्मसात करने का संकल्प लिया।