चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर झलोगी से कुल्लू तक बार-बार होने वाले भूस्खलन और ब्यास नदी के कटाव की समस्या से राहत दिलाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने 228.75 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम शुरू कर दिया है। इस परियोजना के तहत हाईवे के संवेदनशील हिस्सों को सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक संरक्षण कार्य किए जाएंगे। एनएचएआई के अनुसार परियोजना में नदी किनारे क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत के साथ नौ संवेदनशील स्थानों पर मजबूत रिटेनिंग वॉल, तट संरक्षण संरचनाएं और अन्य सुरक्षा कार्य किए जाएंगे। इन उपायों का उद्देश्य मानसून के दौरान होने वाले कटाव और भूस्खलन से हाईवे को सुरक्षित रखना है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक वरुण चारी ने बताया कि निर्माण कार्य भारत कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपा गया है। कंपनी को निर्धारित समय सीमा के भीतर परियोजना पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। पहले चरण में झलोगी फ्लाईओवर से आर्मी कैंप तक के सबसे अधिक संवेदनशील हिस्से पर निर्माण कार्य किया जाएगा। इसके बाद अन्य चिन्हित स्थानों पर चरणबद्ध तरीके से काम आगे बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल नदी की गहराई वाले हिस्से में सुरक्षा कार्य किया जा रहा है, ताकि बारिश के दौरान ब्यास नदी का तेज बहाव सड़क को नुकसान न पहुंचा सके। परियोजना पूरी होने के बाद मंडी-कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि वर्ष 2023 और 2025 के मानसून में ब्यास नदी के तेज बहाव और लगातार भूस्खलन के कारण मंडी-कुल्लू हाईवे को भारी नुकसान हुआ था। कई स्थानों पर सड़क का हिस्सा नदी में बह गया था, जबकि मलबा और चट्टानें गिरने से यातायात कई बार घंटों तक बाधित रहा। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए अब स्थायी सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं।