मंडी जिले के 14 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई बोर्ड में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। इन स्कूलों को अभी अस्थायी तौर पर मान्यता दी गई है। जबकि स्थायी मान्यता स्कूल की ओर से 17 औपचारिकताओं को पूरा करने पर ही मिलेगी। इस संबंध में जनवरी 2026 में टीम निरीक्षण कर जायजा लेगी। 17 औपचारिकताओं में स्थायी भवन, खेल मैदान, बिजली, पानी, शौचालय, सीसीटीवी कैमरे, लाइब्रेरी, कंप्यूटर-साइंस-मैथ लैब, उचित स्टाफ, स्कूल वेबसाइट, एसएमसी का संविधान और बच्चों की सुरक्षा जैसी सुविधाओं का होना अनिवार्य है। इनमें से अधिकतर स्कूलों को फायर सेफ्टी का सर्टिफिकेट लेना भी अनिवार्य है और वह तभी मिलेगा जब फायर से संबंधित सभी जरूरी प्रावधान स्कूल में होंगे। इस व्यवस्था को स्थापित करने में स्कूलों को भारी भरकम धनराशि को खर्च करना पड़ रहा है। उधर, उच्च शिक्षा विभाग उपनिदेशक यशवीर धीमान ने बताया कि फायर सेफ्टी के लिए जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और प्रदेश सरकार के माध्यम से धन उपलब्ध करवाया जा रहा है। जिले के मंडी, सुंदरनगर, जोगिंद्रनगर, सरकाघाट और भंगरोटू के बाल व कन्या स्कूल, सीनियर सेकेंडरी स्कूल मढ़ी, करसोग, गोहर और जंजैहली शामिल हैं।