किसानों और मजदूरों से जुड़े मुद्दों को लेकर सोमवार को जोगिंद्रनगर में माकपा ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मिनी सचिवालय परिसर में प्रदर्शन के बाद पार्टी ने एसडीएम मनीश चौधरी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा। इसमें किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने और सरकारी खरीद सुनिश्चित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। माकपा नेता एवं मंडी जिला अध्यक्ष कुशाल भारद्वाज ने कहा कि भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते का कृषि क्षेत्र पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसलिए इसे रद्द करने और कृषि उत्पादों के आयात पर रोक लगाने की जरूरत है। उन्होंने किसानों के कर्ज माफ करने की मांग भी उठाई। प्रदर्शनकारियों ने मनरेगा में 200 दिन का रोजगार और 700 रुपये दैनिक मजदूरी देने की मांग को लेकर भी नारेबाजी की। उन्होंने विद्युत निजीकरण विधेयक 2025 और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों को वापस लेने की मांग की। चार लेबर कोड को भी रद्द करने की आवाज उठाई गई। कुशाल भारद्वाज ने जोगिंद्रनगर क्षेत्र की सड़क और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को दिक्कत हो रही है। उपमंडलीय अस्पताल में भी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने की जरूरत है। बारिश के दौरान खराब सड़कों से लोगों की आवाजाही प्रभावित होने की बात भी उन्होंने कही। एसडीएम मनीश चौधरी ने कहा कि किसान सभा की ओर से सौंपे गए मांगपत्र को संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा गया है। प्रदर्शन में किसान सभा ब्लॉक कमेटी अध्यक्ष रविंद्र कुमार सहित सुदर्शन वालिया, शोभा राम, कृष्ण चंद, बालक राम, सुभाष चंद, पवन कुमार, प्रेम नाथ, राकेश कुमार, रमेश चंद और कश्मीर सिंह मौजूद रहे।