प्रदेश के कुल्लू, लाहौल-स्पीति और मंडी जिले के 22 युवा ब्यास नदी की ठंडी व शांत जलधारा में राफ्टिंग का प्रशिक्षण ले रहे हैं। प्रशिक्षण शिविर में युवाओं ने एडवांस तैराकी और बोट फ्लिपिंग (राफ्ट को पलटना और उसे सीधा) करना सीखा। बता दें कि एडवांस तैराकी और बोट फ्लिपिंग की तकनीक उस समय काम आएगी जब आपात स्थिति में बोट नदी में पलट जाए। उस दौरान स्वयं को सुरक्षित रखते हुए बोट में सवार लोगों की जान को बचाया जा सकता है। अगर नदी में पलटी बोट को सीधा करने का हुनर नहीं आता होगा, तो बोट में सवार लोगों की जान भी जा सकती है। प्रशिक्षण केंद्र के अनुदेशक गिमनर सिंह ने कहा कि पिरड़ी में स्थित रिवर राफ्टिंग प्रशिक्षण केंद्र में वर्ष 2023 का अंतिम प्रशिक्षण शिविर चल रहा है। इसमें युवाओं को बेसिक राफ्टिंग के अलावा आपातकालीन परिस्थितियों में किस तरह से लोगों की जान को बचाया जा सकता है, इसका बारीकि से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।