ग्राम पंचायत चकमोह के वार्ड नंबर पांच के तहत बोहड़ व बिहाल गांव को जोड़ने वाली सड़क पिछले 16 वर्षों से मरम्मत की राह देख रही है। मरम्मत न होने के कारण सड़क की टारिंग उखड़ चुकी है। सड़क की टारिंग उखड़ने से सड़क पर बिछाई गई सोलिंग भी बाहर निकल गई है। ग्राम पंचायत चकमोह के वार्ड नंबर पांच में दियोटसिद्ध कोऑपरेटिव सोसाइटी से लेकर बोहड तक जाने वाली लगभग दो किलोमीटर सड़क की हालत दयनीय है। महत्वपूर्ण 99 गांव उठाऊ पेयजल योजना भी इसी सड़क पर स्थित है। योजना में कार्यरत कर्मचारियों सहित अन्य ग्रामीण इसी सड़क का प्रयोग करते हैं। सड़क से क्षेत्र के लगभग 15 घर इसी सड़क पर निर्भर है। वर्ष 2009 में विभाग द्वारा इस सब को पक्का किया गया था, लेकिन इसके बाद सड़क की सुध लेने वाला कोई नहीं है। पक्की सड़क लगभग उखड़ चुकी है व कच्चे रास्ते में तब्दील हो गई है। बरसात के दिनों में समस्या अधिक गंभीर हो जाती है। इस क्षेत्र को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है कि वर्ष 1991 में ऑयल एंड नेचुरल गैस भारत सरकार द्वारा इसी क्षेत्र में कच्चा तेल निकालने की संभावनाएं तलाशी गई थी। यह कार्य 1991 से लेकर 1995 तक चला फिर उसके उपरांत यह कार्य बंद कर दिया गया। लोगों का कहना है कि वर्ष 2009 में सरकार द्वारा इस सब को पक्का भी किया था लेकिन अब यह सड़क उखड़ चुकी है । बरसात के दिनों में नंगे पांव चलकर आना पड़ता है । दो पहिया वाहन चालकों को अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।