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बिलासपुर: मंत्री राजेश धर्माणी ने संस्कृत महाविद्यालय डंगार में विद्यार्थियों से किया संवाद

Krishan Singh Updated Tue, 18 Aug 2026 04:17 PM IST

तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि संस्कृत विश्व की प्राचीनतम और ज्ञान-विज्ञान से समृद्ध भाषाओं में से एक है। संस्कृत के विद्यार्थी अंग्रेजी भाषा और कंप्यूटर तकनीक का ज्ञान हासिल कर दुनिया भर में भारतीय संस्कृति और संस्कृत के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकते हैं। वे भारतीय संस्कृति के सशक्त ब्रांड एंबेसडर बन सकते हैं। धर्माणी मंगलवार को राजकीय संस्कृत महाविद्यालय डंगार में विद्यार्थियों के साथ संवाद कर रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों की मांग पर महाविद्यालय में ई-लाइब्रेरी के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाने, पांच सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाने, संगीत वाद्ययंत्र उपलब्ध करवाने और पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए हैंडपंप स्थापित करने की घोषणा की। महाविद्यालय के नाम के साथ श्री सरस्वती शब्द जोड़ने की मांग पर उन्होंने प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। धर्माणी ने कहा कि महाविद्यालय के जीर्णोद्धार कार्यों के लिए प्रदेश सरकार ने 25 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। इनमें करीब 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। खेल मैदान के लिए एफआरए का मामला संबंधित विभाग के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा।

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