हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए आर्थिक संबल साबित हो रही हैं। शिक्षा, विवाह और चिकित्सा सहायता जैसी योजनाओं के माध्यम से कई श्रमिक परिवारों को राहत मिली है, जिससे बच्चों की पढ़ाई और परिवार की अन्य आवश्यक जरूरतें पूरी करने में मदद मिल रही है। घुमारवीं उपमंडल की ग्राम पंचायत फटोह के गांव रोपा निवासी रवि दत्त, जो करीब 25 वर्षों से पेंटिंग और मजदूरी का कार्य कर रहे हैं, ने लगभग दस वर्ष पहले कामगार बोर्ड में पंजीकरण कराया था। इसके बाद उनके परिवार को बोर्ड की कई योजनाओं का लाभ मिला। उन्होंने बताया कि उनके बच्चों को पढ़ाई के दौरान छात्रवृत्ति मिली, एक बेटी की उच्च शिक्षा पूरी होने के बाद विवाह सहायता के रूप में 60 हजार रुपये प्रदान किए गए, जबकि दूसरी बेटी को एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए इस वर्ष 1.20 लाख रुपये की शिक्षा सहायता मिली। इसी प्रकार घुमारवीं के वार्ड नंबर-3 निवासी कृष्ण चंद, जो लंबे समय से पेंटिंग कार्य से जुड़े हैं, ने भी बोर्ड की योजनाओं का लाभ उठाया। उनके बच्चों को छात्रवृत्ति के माध्यम से उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सहायता मिली। परिवार को बेटी के विवाह के लिए 51 हजार रुपये तथा छात्रवृत्ति और चिकित्सा सहायता योजनाओं का भी लाभ मिला। कामगार बोर्ड की इन योजनाओं का उद्देश्य निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना तथा बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों में आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है। इससे अनेक परिवारों को भविष्य सुरक्षित करने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल रही है।