यमुनानगर। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा की विधानसभा रादौर के गांव चमरोड़ी से हिरण छप्पर तक जर्जर सड़क की मरम्मत की मांग को लेकर आज भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के बैनर तले किसानों ने पीडब्ल्यूडी एक्सईएन पुनीत मित्तल के कार्यालय के गेट पर धरना दिया। किसानों ने एक्सईएन और विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क की जल्द मरम्मत कराने की मांग की। भाकियू जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने कहा कि शामली से अंबाला तक हाईवे निर्माण के दौरान सड़क पर दिन-रात भारी डंपरों की आवाजाही हुई। हाईवे में इस्तेमाल होने वाली निर्माण सामग्री और मिट्टी इसी मार्ग से ले जाई गई। भारी वाहनों की वजह से सड़क पूरी तरह टूट चुकी है और जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं। इससे ग्रामीणों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि ग्रामीण जब नेशनल हाईवे के अधिकारियों के पास जाते हैं तो उन्हें बताया जाता है कि सड़क पीडब्ल्यूडी की है। वहीं पीडब्ल्यूडी अधिकारी सड़क की मरम्मत की जिम्मेदारी एनएच अधिकारियों की बताते हैं। किसानों का आरोप है कि पीडब्ल्यूडी के जेई ने उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया। भाकियू निदेशक मंदीप सिंह रोडछप्पर ने कहा कि अधिकारियों की टालमटोल से परेशान होकर किसानों को कार्यालय के गेट पर धरना देना पड़ा। किसानों के प्रदर्शन और नारेबाजी की जानकारी मिलने पर एक्सईएन पुनीत मित्तल कार्यालय से बाहर आए और किसानों को बातचीत के लिए अंदर ले गए। उन्होंने किसानों को जल्द सड़क निर्माण कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने धरना समाप्त किया। कंपनी के खिलाफ दर्ज हो चुकी है एफआईआर: एनएचएआई के अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे परियोजना के दौरान चमरोड़ी से हिरण छप्पर वाया सिलीखुर्द और दौलतपुर सड़क मार्ग भारी वाहनों की आवाजाही से क्षतिग्रस्त हो गया था। सड़क की मरम्मत में लापरवाही के आरोप में रादौर थाना पुलिस ने पिछले सप्ताह एपीसीओ इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड और उसके जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। पीडब्ल्यूडी एसडीओ की शिकायत के अनुसार विभाग ने कंपनी को सड़क पर बिटुमिनस पैचवर्क कराने के निर्देश दिए थे। कई बार लिखित निर्देश देने के बावजूद कार्य संतोषजनक तरीके से पूरा नहीं किया गया। विभाग ने कंपनी को मरम्मत के लिए 15 दिन का समय दिया था। निर्धारित अवधि में काम पूरा नहीं होने पर एसडीई ने पुलिस में शिकायत देकर एफआईआर दर्ज कराने की सिफारिश की थी।