किलोई दोपाना गांव में प्रशासन और पंचायत के सहयोग से शुरू की गई जोहड़ सफाई की तैयारी ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि मार्च माह में कांकरा वाला जोहड़ की सफाई करने के लिए पूरा पानी खाली करवाया गया। योजना थी कि गर्मी शुरू होने से पहले जोहड़ की खुदाई कर इसे गहरा और साफ कर दिया जाएगा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जब जोहड़ खाली होने के बाद गहरीकरण की बारी आई तो पंचायत के पास बजट की कमी बताई गई। सरपंच और ग्राम सचिव फंड का रोना रोकर काम को आगे नहीं बढ़ा रहे हैं। जोहड़ खाली होने के कारण पशुपालकों की परेशानी बढ़ गई है। गांव में पशुओं को पानी पिलाने का मुख्य स्रोत यही जोहड़ है। अब यह एक सूखे गड्ढे में तब्दील हो चुका है जिससे मवेशियों को पानी पिलाने के लिए पशुपालकों को दूर-दराज के खेतों या निजी साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।