हरियाणा सरकार के लिए इस बार बिजली संकट से पार पाना आसान नहीं है। एक तो अडानी और टाटा कंपनियों से करार होने के बावजूद बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है। दूसरा विदेशी कोयले के रेट बढ़ने से नई दरों को लेकर पेंच फंसा हुआ है और प्रदेश में कोयले का संकट भी गहराने लगा है।