जिले में चल रही जनगणना-2027 के तहत हाउस लिस्टिंग कार्य की समीक्षा को लेकर मंगलवार को लघुसचिवालय सभागार में सुपरवाइजरों की बैठक बुलाई गई। बैठक की सूचना दोपहर करीब दो बजे दी गई, जिसके बाद जिलेभर के सुपरवाइजर अपनी कक्षाएं छोड़कर करीब तीन बजे सभागार पहुंच गए। बताया गया कि जिले में लगभग 301 सुपरवाइजर जनगणना कार्य में लगे हुए हैं। सभागार में पहुंचने पर उन्हें किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं मिली। भारी गर्मी के बावजूद न पानी की व्यवस्था थी और न ही बैठक से संबंधित कोई अधिकारी मौके पर मौजूद था। काफी देर तक इंतजार करने के बाद सुपरवाइजरों में रोष फैल गया। सभी नाराज सुपरवाइजर शाम चार बजे लघुसचिवालय स्थित सीटीएम कार्यालय पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में शिक्षकों की भीड़ एकत्र हो गई। स्थिति को देखते हुए डीआरओ राकेश कुमार मौके पर पहुंचे और सुपरवाइजरों से बातचीत की। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस भी हुई। अचानक सूचना देने और उचित प्रबंध न होने को लेकर सुपरवाइजरों ने प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई। मामला बढ़ता देख पुलिस भी मौके पर पहुंच गई, जिससे सुपरवाइजरों का गुस्सा और बढ़ गया। उनका कहना था कि वे शिक्षक हैं और प्रशासन को उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए। बाद में डीआरओ ने सभी सुपरवाइजरों को मीटिंग हाल में बुलाया। शुरुआत में कुछ सुपरवाइजरों ने बैठक में जाने से इंकार कर दिया, लेकिन काफी समझाइश के बाद सभी बैठक में शामिल हुए। अंत में सीटीएम मंगलसैन ने सुपरवाइजरों को समझाया, जिसके बाद माहौल शांत हुआ और जनगणना कार्य की समीक्षा बैठक संपन्न हुई।