14 साल की उम्र में सेल्फ डिफेंस के लिए डिंपल ने जूडो सीखना शुरू किया था, लेकिन अब जूडो का जुनून इस कदर सवार हो गया कि देश को गोल्ड मेडल दिलाना ही अपना लक्ष्य बना लिया। 15 अप्रैल 2008 में मोहल्ला पीरआगा में जन्मी डिंपल फिलहाल 12वीं कक्षा में पढ़ाई कर रही है। डिंपल के पिता शादी समारोह में कैटरिंग का काम करते हैं। डिंपल तीन भाई बहनों में सबसे बड़ी है और जूडो में महज 3 साल के कड़े अभ्यास के दम पर चार मेडल अपने नाम कर चुकी है। डिंपल ने बताया कि 2026 में जनवरी माह में होने वाली नेशनल प्रतियोगिता के लिए वह कड़ा अभ्यास कर रही है। डिंपल ने बताया कि यह उसकी पहली नेशनल प्रतियोगिता होगी और वह इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए अपनी तरफ से कोई कसर छोड़ना नहीं चाहती है। एक साधारण से परिवार में जन्मी डिंपल ने जब घरवालों के सामने जूडो सीखने की इच्छा प्रकट की तो उन्होंने भी उसका पूरा समर्थन किया। डिंपल के पिता ने इस दौरान अपनी बेटी से कहा जूडो सिर्फ सीखना ही नहीं है बल्कि अपने देश के लिए गोल्ड भी जीतना है।