जिला की सड़कों, नदियों, जलमार्गों, तालाबों, पंचायती भूमि और सरकारी जमीनों पर कचरा फेंकना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले नागरिकों और संस्थाओं पर अब भारी जुर्माना लगाया जाएगा। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के नवीनतम आदेशों का हवाला देते हुए बताया कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले नागरिकों और संस्थाओं पर अब भारी जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के अनुसार कचरा उत्पन्न करने वाले किसी भी व्यक्ति को सड़कों या खुले स्थानों पर कचरा फेंकने, जलाने या दबाने की अनुमति नहीं है। क्षेत्रीय अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि कचरा फैलाने वाले सामान्य निवासियों पर पहली बार नियम तोड़ने पर 5 हजार रुपये और दूसरी बार उल्लंघन करने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसी प्रकार भारी मात्रा में कचरा पैदा करने वाली बड़ी संस्थाओं या समूहों के लिए यह जुर्माना पहली बार में 25 हजार रुपये और दूसरी बार में 50 हजार रुपये निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि नियमों के तहत प्रत्येक नागरिक की यह जिम्मेदारी है कि वह अपने घर या संस्थान के कचरे को गीले, सूखे और घरेलू खतरनाक कचरे के रूप में अलग-अलग रखे और इसे केवल अधिकृत कचरा संग्रहकर्ताओं को ही सौंपे।