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नारनौल: फसल की कटाई में बरतें सावधानी, लापरवाही छीन सकती है आंखों की रोशनी

क्षेत्र में इन दिनों सरसों और गेहूं की कटाई जोरों पर है, लेकिन इसके साथ ही आंखों से जुड़ी समस्याएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। फसलों पर बैठने वाले कीट और मच्छरों के कारण लोगों को आवागमन के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार ये मच्छर सीधे आंखों में चले जाते हैं, जिससे जलन, खुजली और हादसों का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, सरसों की कटाई के दौरान धांसे आंखों में लगने से गंभीर चोट का खतरा बना रहता है। नागरिक अस्पताल में हाल ही में करीब 10 ऐसे मरीज पहुंचे, जिनकी आंखों में सरसों का तना लगने से जख्म हो गया था। चिकित्सकों के अनुसार कुछ मामलों में मरीजों की लापरवाही के कारण समय पर इलाज नहीं मिल पाया, जिससे आंखों की रोशनी जाने की स्थिति तक बन गई। कटाई के इस सीजन में नेत्र रोग ओपीडी में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सामान्य दिनों में जहां 120 से 130 मरीज आते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 180 से 200 तक पहुंच गई है, यानी करीब 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। नागरिक अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरू यादव ने बताया कि मच्छरों और कीटों से बचाव के लिए आवागमन के दौरान चश्मे का प्रयोग करना जरूरी है। दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनें। फसल कटाई के दौरान यदि आंख में चोट लगती है तो किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें और खुद से दवा डालने की बजाय तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञ से उपचार कराएं। समय पर इलाज न मिलने पर आंखों की रोशनी भी जा सकती है।

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