केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर एआईयूटीयूसी से जुड़े श्रमिक संगठनों ने एक अप्रैल से लागू किए जा रहे चार लेबर कोड के विरोध में काला दिवस मनाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर पुराना लघु सचिवालय पार्क में सभा आयोजित की। सभा के बाद प्रदर्शनकारियों ने जुलूस निकालते हुए भारतीय जीवन बीमा निगम के सामने पंचायत भवन रोड पर चारों लेबर कोड की प्रतियां जलाकर विरोध जताया। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए जा रहे ये लेबर कोड श्रमिक विरोधी हैं और इससे मजदूरों के अधिकारों पर गंभीर असर पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ट्रेड यूनियनों से बिना व्यापक चर्चा के यह निर्णय लिया है, जो अंतरराष्ट्रीय श्रम मानकों के भी खिलाफ है। वक्ताओं ने कहा कि इन कानूनों के लागू होने से यूनियन बनाने, हड़ताल करने, न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा जैसे अधिकार कमजोर हो जाएंगे। संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े आल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के जिला सचिव डॉ. व्रतपाल सिंह ने उड़ीसा में किसान नेता प्रकाश मलिक की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए उनकी रिहाई और किसानों पर दमन रोकने की मांग उठाई। इस दौरान केंद्र सरकार से चारों लेबर कोड तत्काल रद्द करने की मांग की। इस अवसर पर मास्टर सुबे सिंह, कृष्णा देवी, कमलेश, सावित्री, सरला, माया, छाजूराम रावत सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।