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चार मई तक एनआईटी कुरुक्षेत्र में छुट्टियां घोषित, ऑनलाइन होंगी प्रैक्टिकल परीक्षाएं

शाहिल शर्मा Updated Thu, 16 Apr 2026 10:17 PM IST

वीरवार देर रात संस्थान के छात्र-छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा और सड़कों पर उतर आए। सभी मामलों की सही जांच करने व आरोपी शिक्षक व अन्य कर्मियों पर कार्रवाई की मांग करते रहे। सैंकड़ों छात्र-छात्राओं के गुस्से को देख भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। वहीं इसी बीच एनआईटी प्रशासन ने देर रात संस्थान में शुक्रवार से चार मई तक परीक्षा की तैयारी के रूप में छुट्टी का एलान कर दिया है। संस्थान की ओर से छुट्टी के संबंध में जारी किए गए पत्र में स्पष्ट किया गया कि थ्योरी परीक्षाएं पहले से तय शेड्यूल के अनुसार होंगी, जिसकी पूरी जानकारी साइट पर दी गई है। वहीं, प्रैक्टिल परीक्षाएं ऑनलाइन ली जाएंगी। उधर छात्र-छात्राएं छुट्टी का एलान होने के बावजूद भी देर रात तक धरने पर डटे रहे। इस दौरान पुलिस बल भी तैनात रहा। छात्रों के गुस्से को देख संस्थान के निदेशक का कार्यभार संभाल रहे डॉ ब्रह्मजीत अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्र-छात्राओं को मनाने का प्रयास किया लेकिन वे अड़े रहे। प्रोफेसर व वार्डन पर लगाए गंभीर आरोप रोष जता रहे छात्र-छात्राओं ने एक प्रोफेसर पर आरोप लगाए कि प्रियांशु की आत्महत्या मामले के बाद जब उनके प्रबंधन ने बातचीत करनी शुरू की तो एक प्रोफेसर ने यहां तक कहा कि अगर मरना है तो ब्रह्मसरोवर पर जाएं लेकिन यहां न मरें। ऐसे प्रोफेसर पर कार्रवाई की जाए। वहीं, कईं छात्राओं ने होस्टल वार्डन पर भी आरोप लगाए कि आज दीक्षा दुबे के मामले में लापरवाही बरती गई। जब उसे फंदे पर लटके देखा तो तत्काल ही वार्डन को बता दिया गया था लेकिन वह आराम से चाय पीती रही। दीक्षा को फंदे से तीन घंटे बाद उतारा गया। समय रहते गंभीरता बरती जाती तो शायद वह बच सकती थी। वहीं, छात्र-छात्राओं ने प्रबंधन से जवाब मांगा है कि इस तरह हो रही घटनाएं रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं और छुट्टियां क्यों की गई है। इस पर डॉ ब्रह्जीत ने कहा कि कमेटी बनाकर जांच कराई जाएगी। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं के प्रतिनिधिमंडल को कार्यालय में बुलाया लेकिन वे जाने को तैयार नहीं हुए। देर रात तक विवाद चलता रहा तो भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। वहीं संस्थान अधिकारी भी काार्यलयों में बैठे रहे।

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