राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) में कंसल्टेंट नियुक्तियों के विरोध में गैर-शिक्षक कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों ने निदेशक कार्यालय के बाहर धरना देकर संस्थान प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और दोनों कंसल्टेंट की नियुक्तियां तत्काल रद्द करने की मांग दोहराई। कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि संस्थान के अधिकांश गैर-शिक्षक कर्मचारी इन नियुक्तियों का विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को कंसल्टेंट के रूप में नियुक्त करने से कार्यरत कर्मचारियों के हित प्रभावित हो रहे हैं। साथ ही लंबे समय से लंबित एमएसीपी, पदोन्नति और अन्य सेवा संबंधी मामलों का भी समाधान नहीं किया जा रहा। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन से वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने की भी अपील की। धरने के दौरान कर्मचारियों ने संस्थान प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई।